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Lal Kila का पूरा इतिहास क्या है.? किसने बनवाया, कब बना और 16 रोचक तथ्य जानिए

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By Santosh Kumar Swain

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Lal Kila का पूरा इतिहास क्या है.? किसने बनवाया, कब बना और 16 रोचक तथ्य जानिए
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नमस्कार मित्रों! आज के इस लेख में हम आपको भारत के ऐतिहासिक गौरव और मुग़ल वास्तुकला के प्रतीक लाल किले (Lal Kila History in Hindi) के इतिहास, रहस्यों और रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से बताएंगे। दिल्ली का यह प्राचीन किला हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम और गौरवशाली इतिहास की कई अनकही दास्तां समेटे हुए है।

आइए जानते हैं लाल किले की लाल दीवारों के पीछे छिपे उन तमाम रहस्यों के बारे में, जिन्हें आज भी बहुत कम लोग जानते हैं।

Lal Kila का पूरा इतिहास क्या है?

दिल्ली का लाल किला भारत के गौरव और स्वतंत्रता का प्रतीक है। इसे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने 1638 से 1648 के बीच अपनी नई राजधानी ‘शाहजहाँबाद’ के मुख्य महल के रूप में बनवाया था। फ़ारसी, तैमूरी और भारतीय वास्तुकला का यह अनूठा संगम वर्ष 2007 से यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) की सूची में शामिल है।

हर साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री इसी ऐतिहासिक किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

Lal Kila के नीचे क्या है? (गुप्त सुरंगें और तहखाने)

दिल्ली के लाल किले के नीचे प्राचीन गुप्त सुरंगों, तहखानों और सीढ़ीदार कुओं का एक जाल बना हुआ है। मुग़ल काल में इन्हें आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और शाही खजाने की सुरक्षा के लिए बनाया गया था।

कुछ ऐतिहासिक दस्तावेजों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, वर्तमान लाल किले के नीचे कुछ प्राचीन अवशेष और पुराने किले के अंश भी दबे हुए हैं।

Lal Kila का रहस्य क्या है?

दिल्ली के लाल किले का सबसे बड़ा रहस्य इसके नीचे बनी गुप्त सुरंगों का नेटवर्क है। इतिहासकारों के अनुसार, मुग़ल काल में सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति के लिए किले से यमुना नदी और आसपास के अन्य सुरक्षित इलाकों तक कई गुप्त सुरंगें बनाई गई थीं, जिनका पूरा नक्शा आज भी एक रहस्य है।

हीरे-जवाहरात और सोने की अपार लूट

आज भले ही लाल किला हमें सादा या लाल बलुआ पत्थर से बना दिखता हो, लेकिन इसके ‘दीवान-ए-खास’ की दीवारें और छतें कभी सोने, चांदी और बेशकीमती हीरों से जड़ी हुई थीं। 1739 में फारसी आक्रमणकारी नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण किया और यहाँ से प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा तथा मयूर सिंहासन सहित सारा बेशकीमती खजाना लूटकर अपने साथ ले गया।

अंग्रेजों का सैन्य अड्डा

1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (गदर) के बाद अंग्रेजों ने इस ऐतिहासिक किले पर कब्जा कर लिया था और इसे करीब 100 सालों तक ब्रिटिश सेना के कैंप और बैरक में बदल दिया। इस दौरान अंग्रेजों ने किले की कई मूल और शानदार इमारतों को नष्ट कर दिया ताकि मुगलों की पहचान मिटाई जा सके।

रहस्यमयी आवाजें

कई स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों का मानना है कि किले के खाली गलियारों और कमरों में रात के समय आज भी अजीबोगरीब आवाजें, घोड़ों की टापें और घुंघरूओं की खनक सुनाई देती है। 1857 के गदर के दौरान हुए भारी कत्लेआम और यातनाओं को इसका मुख्य कारण माना जाता है।

Lal Kila के अन्दर क्या है?

दिल्ली का लाल किला अपने आप में एक विशाल ऐतिहासिक परिसर है। इसके अंदर कई प्रमुख मुगलकालीन इमारतें मौजूद हैं, जैसे:

  • दीवान-ए-आम: जहाँ राजा आम जनता की फरियाद सुनते थे।

  • दीवान-ए-खास: जहाँ खास मेहमानों और मंत्रियों से बैठक होती थी।

  • रंग महल और मोती मस्जिद: सफेद संगमरमर की बेहद खूबसूरत वास्तुकला।

Lal Kila किसने बनवाया था और क्यों?

दिल्ली का लाल किला मुग़ल बादशाह शाहजहाँ द्वारा 1638 से 1648 के बीच बनवाया गया था। इसे बनवाने का मुख्य उद्देश्य उनकी नई राजधानी ‘शाहजहाँबाद’ का मुख्य महल स्थापित करना और मुग़ल साम्राज्य की भव्यता को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करना था। मुग़ल काल में इस किले को ‘किला-ए-मुबारक’ कहा जाता था।

Lal Kila कहाँ है?

ऐतिहासिक लाल किला भारत की राजधानी नई दिल्ली के केंद्र में स्थित है। यह पुरानी दिल्ली के नेताजी सुभाष मार्ग पर चांदनी चौक के पास यमुना नदी के किनारे पर बना हुआ है।

Lal Kila का पहला और अंतिम शासक कौन था?

  • पहला शासक (निर्माता): मुग़ल सम्राट शाहजहाँ (जिन्होंने 1628 से 1658 तक शासन किया) इस किले के निर्माता और पहले शासक थे।

  • अंतिम शासक: किले पर कब्जा करने वाले अंतिम मुग़ल सम्राट बहादुर शाह जफर (बहादुर शाह द्वितीय) थे। 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के खिलाफ साथ देने के कारण अंग्रेजों ने उन्हें बन्दी बना लिया और म्यांमार की रंगून जेल भेज दिया, जहाँ 1862 में उनका निधन हो गया।

क्या Lal Kila के स्थान पर पहले भी कोई किला था?

कुछ ऐतिहासिक दावों और स्रोतों का मानना है कि मुग़ल काल से पहले इस क्षेत्र में तोमर राजपूत वंश के राजा अनंगपाल सिंह तोमर का शासन था। उन्होंने 11वीं सदी (लगभग 1060 ईस्वी) में इसी क्षेत्र में ‘लाल कोट’ नाम से एक किले की स्थापना की थी, जिसके अवशेषों पर आगे चलकर मुगलों ने लाल किले का निर्माण किया।

लाल किला आगरा में है या दिल्ली में? (अंतर समझें)

लाल किला दो प्रमुख शहरों में स्थित है—दिल्ली और आगरा। दोनों को मुगलों ने ही बनवाया था, लेकिन दोनों में मुख्य अंतर निम्नलिखित है:

  1. दिल्ली का लाल किला:

    • स्थान: पुरानी दिल्ली।

    • निर्माता: मुग़ल बादशाह शाहजहाँ (1638-1648)।

    • विशेषता: लाल बलुआ पत्थर से बना यह किला देश की स्वतंत्रता और गणतंत्र का प्रतीक है (यहीं से प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं)।

  2. आगरा का लाल किला (आगरा फोर्ट):

    • स्थान: आगरा (ताजमहल के पास)।

    • निर्माता: मुग़ल सम्राट अकबर (1565-1573)।

    • विशेषता: यह दिल्ली के किले से अधिक प्राचीन और मुख्य रूप से सैन्य एवं प्रशासनिक उद्देश्य से बनाया गया था।

लाल किला का असली मालिक कौन है?

कानूनी और संवैधानिक रूप से आज लाल किले का स्वामित्व भारत सरकार के पास है। स्वतंत्रता के बाद से ही यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आता है। कुछ साल पहले खुद को मुग़ल वंश का वंशज बताने वाली सुल्ताना बेगम ने इस पर अपना मालिकाना हक जताते हुए अदालत में दावा किया था, जिसे कानूनी रूप से खारिज कर दिया गया।

लाल किला दिल्ली कैसे जाएं? (Travel Guide)

  • ट्रेन द्वारा: आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) या हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन उतर सकते हैं।

  • मेट्रो द्वारा: नजदीकी मेट्रो स्टेशन चांदनी चौक (पीली लाइन) या लाल किला (वायलेट लाइन) है। मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 4 से बाहर निकलकर आसानी से पहुँचा जा सकता है।

  • खुलने का समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक (सोमवार को छोड़कर)। यहाँ शाम के समय होने वाला Light & Sound Show पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दिल्ली का लाल किला केवल पत्थरों और दीवारों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह भारत के सदियों पुराने इतिहास, मुग़ल वैभव और ब्रिटिश काल के संघर्षों की एक जीवित गाथा है। यदि आप इतिहास प्रेमी हैं, तो दिल्ली आने पर लाल किले की भव्य वास्तुकला को देखने अवश्य जाएं।

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संतोष कुमार स्वैन एक ओड़िया लेखक (Odia Writer), डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और ट्रैवल ब्लॉगर हैं। वे वर्ष 2009 से ऑनलाइन सक्रिय हैं और 2010 से विभिन्न वेबसाइटों के माध्यम से उपयोगी जानकारी साझा कर रहे हैं। 2017 से वे YouTube पर भी सक्रिय हैं, जहाँ वे अलग-अलग विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट प्रकाशित करते हैं। वर्तमान में वे TourismPlace.co.in के संस्थापक और संपादक हैं तथा भारत के पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थानों, ऐतिहासिक धरोहरों और यात्रा गाइड से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाते हैं।

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